रायपुर। रमेन डेका ने सोमवार को छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के अष्टम सत्र को संबोधित किया। विधानसभा पहुंचने पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने किया।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और विकसित छत्तीसगढ़ के विजन का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती और विधानसभा के नए भवन के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य सामूहिक संकल्प और प्रयासों से ही हासिल होगा।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया गया।
कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि दी जा रही है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को भी सालाना सहायता प्रदान की जा रही है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राज्यपाल ने ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 69 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए दिए जाने की जानकारी दी। अब तक 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि महिलाओं के खातों में जमा की जा चुकी है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को लेकर उन्होंने बताया कि दो वर्षों में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज, 2704 ने आत्मसमर्पण और 2004 गिरफ्तारियां हुईं। मुक्त क्षेत्रों में सड़क, मोबाइल टावर, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से बढ़ाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी कई नई योजनाओं का जिक्र किया गया। पांच नए मेडिकल कॉलेज, सौर ऊर्जा प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश प्रस्ताव और बड़े रेलवे-एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को विकास की आधारशिला बताया गया।
अंत में राज्यपाल ने कहा कि ‘अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा की।
