नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की फौज तैयार: 1800 से ज्यादा नामों पर मुहर, पहले नियुक्ति फिर होगा पुलिस वेरिफिकेशन

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में एल्डरमैनों (मनोनीत पार्षदों) की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने 1800 से अधिक नामों की फाइनल सूची तैयार कर ली है, जिसके आदेश आज या कल में जारी होने की संभावना है। इस बार नियुक्ति प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है— पुलिस वेरिफिकेशन नियुक्ति के बाद किया जाएगा, ताकि नामांकन की प्रक्रिया में देरी न हो।

नियुक्ति का गणित और प्राथमिकता

राज्य सरकार ने इस बार अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तवज्जो दी है। सूची में उन नेताओं को प्राथमिकता मिली है जिन्हें प्रशासनिक कामकाज और नगर पालिका अधिनियम की गहरी समझ है।

कार्यकर्ताओं का लंबा इंतजार खत्म

मोहन सरकार बनने के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं को इन नियुक्तियों का बेसब्री से इंतजार था। 2027 के नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए इन मनोनीत पार्षदों को लगभग सवा साल का कार्यकाल मिलेगा। इसमें अन्य दलों से भाजपा में आए नेताओं को भी समायोजित किया गया है।

एल्डरमैन के अधिकार

नियमानुसार, एल्डरमैन परिषद की बैठकों और चर्चाओं में भाग ले सकते हैं, लेकिन उनके पास परिषद के भीतर मतदान (Voting) का अधिकार नहीं होता। इनका मुख्य कार्य परिषद की चर्चाओं में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव से सुझाव देना होता है।

निगम-मंडलों में भी हलचल तेज

एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद अब सबकी नजरें निगम-मंडलों और जनभागीदारी समितियों पर टिकी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, सूची शासन को भेज दी गई है और जल्द ही निगम-मंडलों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें उन वरिष्ठ नेताओं को जगह मिल सकती है जो कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए थे।

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