रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति दी गई। साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अलावा वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन मिला। मुख्यमंत्री ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए और लंबित कार्यों को मार्च तक पूर्ण करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विद्युतीकरण, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिलों की त्रुटियों को दूर करने और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। बैकुंठपुर और झुमका जलाशय क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें विकसित किया जाएगा। बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
