अहमदाबाद विमान हादसा: पहले से खराब तकनीकी स्थिति, इलेक्ट्रिकल फेलियर की आशंका

दिल्ली। अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान का क्रैश हुए विमान में पहले से कई गंभीर तकनीकी खराबियां थीं। अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से कई अन्य सिस्टम एक के बाद एक बंद हुए, जिससे हादसा हुआ हो सकता है। विमान टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही रिहायशी इलाके में गिर गया था, जिसमें 270 लोग मारे गए और सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बचा।

FAS के अनुसार, यह बोइंग 787 विमान 2014 से उड़ान भर रहा था और शुरुआत से ही कई तकनीकी और सिस्टम संबंधी समस्याएं सामने आई थीं। 2022 में एक उड़ान के दौरान विमान में आग भी लगी थी, जिससे आंतरिक सिस्टम को नुकसान पहुंचने की संभावना बताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

संगठन का मुख्य दावा है कि हादसे की जड़ इलेक्ट्रिकल फेलियर हो सकती है, क्योंकि आधुनिक विमानों में ज्यादातर सिस्टम बिजली और सॉफ्टवेयर से संचालित होते हैं। बिजली की सप्लाई में खराबी आने पर कई सिस्टम एक साथ बंद हो सकते हैं। FAS ने बताया कि विमान की तकनीकी स्थिति और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग का पूरा डेटा अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ, जिससे फेलियर के क्रम की पुष्टि नहीं हो पा रही है।

FAS ने यह भी कहा कि समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में उड़ रहे अन्य बोइंग 787 विमानों में करीब 2,000 फेलियर की शिकायतें दर्ज की गई हैं। यह पूरी 787 फ्लीट के लिए सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है।

अहमदाबाद विमान हादसे और क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने के कारण एयर इंडिया को वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा होने का अनुमान है। पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किए जाने से यूरोप और अमेरिका की उड़ानों का खर्च भी बढ़ गया।

Exit mobile version