लखनऊ। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी दफ्तर के हॉल में शॉर्ट सर्किट होने से अफरा-तफरी मच गई। हॉल की छत पर लगी लाइट में अचानक स्पार्किंग हुई और धुआं भर गया।
कर्मचारी और पार्टी कार्यकर्ता भयभीत हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्रों से हालात पर काबू पाया। इस कारण मायावती बिना मीडिया के सवाल लिए और केक काटे ही वापस चली गईं।
इससे पहले मायावती ने ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को केवल सम्मान चाहिए, किसी का “चोखा-बाटी” नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा यूपी और पूरे देश में हर चुनाव अकेले लड़ेगी और गठबंधन के लिए केवल तभी सोचा जाएगा जब जातिवादी पार्टियां अपनी सोच बदलेंगी और वोट ट्रांसफर करेंगी।
बसपा सुप्रीमो ने यूपी के चुनावों में पार्टी को कमजोर करने वाले भाजपा, कांग्रेस और सपा के साम-दाम-दंड-भेद के प्रयासों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को हर हथकंडे का मुंहतोड़ जवाब देना होगा और कोई कोर कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने अपने राजनीतिक सफर और दलितों के कल्याण के लिए किए गए संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य सदियों से उपेक्षित रहे दलितों को मान-सम्मान देना और उन्हें पैरों पर खड़ा करना रहा। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और सपा सरकारों पर योजनाओं की नकल करने का आरोप भी लगाया।
यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक पर भी उनका जोर था। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को किसी का बहकावे में नहीं आना चाहिए और उन्हें उचित सम्मान और भागीदारी मिलनी चाहिए। इस अवसर पर बसपा दफ्तर के बाहर कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन का जश्न मनाया।
मायावती का यह जन्मदिन पार्टी और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से विशेष रहा। कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव में जोश भरने के लिए जुटे हुए हैं।
