रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में रविवार शाम एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शाम करीब 6 बजकर 45 मिनट की बताई जा रही है। मृतक की पहचान सुनील महानंद (30) के रूप में हुई है, जो पॉक्सो एक्ट के मामले में 11 नवंबर 2025 से जेल में बंद था। पति की मौत की खबर मिलते ही उसकी पत्नी ललिता महानंद बेहोश हो गई। यह मामला गंज थाना क्षेत्र का है।
घटना के बाद जेल के बाहर परिजन, समाज के लोग और कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए हैं। सभी जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जेलर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि सुनील को जेल के भीतर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह तनाव में था। वहीं, जेल प्रशासन ने किसी भी तरह के टॉर्चर के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम सुनील अचानक जेल परिसर में टहलते हुए पीपल के पेड़ के पास पहुंचा। उसने पेड़ की टहनी में गमछे से फंदा बनाया और फांसी लगा ली। वहां मौजूद पहरेदारों ने उसे तुरंत नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं, जिसके बाद उसे मेकाहारा अस्पताल रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पूरी घटना जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें कैदी फांसी लगाते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
परिजनों के गंभीर आरोप
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्हें तुरंत सूचना नहीं दी गई और शव को चोरी-छिपे मॉर्चुरी भेज दिया गया। देर रात उन्हें जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि जेल में उनके बेटे से कपड़े, खाने-पीने का सामान और पेटीएम से भेजे गए पैसे भी छीन लिए जाते थे। सुनील ने मुलाकात के दौरान कई बार प्रताड़ना की बात बताई थी।
जेल प्रशासन की सफाई
जेल प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता कैदी का इलाज कराना था, इसलिए पहले उसे अस्पताल भेजा गया और बाद में परिवार को सूचना दी गई। पुलिस ने मॉर्चुरी पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
