मकर संक्रांति पर छत्तीसगढ़ में उत्सव का माहौल, राजिम संगम से रायपुर तक दिखी आस्था और उमंग

रायपुर। देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जा रही है। गरियाबंद जिले के राजिम स्थित त्रिवेणी संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों ने महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद दीपदान किया गया और भगवान कुलेश्वर नाथ व राजीव लोचन का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की गई।

राजधानी रायपुर में मकर संक्रांति को लेकर पांच से अधिक स्थानों पर विशेष आयोजन हुए। विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा पतंगोत्सव आयोजित किया गया, वहीं मंदिरों में दीपोत्सव, विशेष पूजा और भोग की व्यवस्था की गई। टाटीबंध स्थित अयप्पा मंदिर में मलयाली समाज द्वारा हजारों दीपों से दीपोत्सव मनाया गया, जो शबरीमाला मंदिर की परंपरा पर आधारित रहा।

भिलाई में खुर्सीपार स्थित गुरु रामदास जी गुरुद्वारे में लोहड़ी जलाई गई। वहीं जयंती स्टेडियम के पास हेलीपैड ग्राउंड में शहर का सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुलिस प्रशासन ने यातायात नियमों और सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया।

रायगढ़ में केलो नदी के समलाई घाट पर महाआरती का आयोजन किया गया। 11 पंडितों की अगुवाई में विधिविधान से पूजा-अर्चना हुई, इसके बाद भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण किया गया। स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

बलरामपुर जिले में 14 से 16 जनवरी तक तातापानी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। वे तपेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बच्चों के साथ पतंग उड़ाएंगे। इस अवसर पर 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह भी संपन्न होगा। मकर संक्रांति पर पूरे प्रदेश में आस्था, संस्कृति और उत्साह का संगम देखने को मिला।

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