ऑल इंडिया बार परीक्षा पर विवाद गहराया, गलत सवालों को लेकर हाई कोर्ट जाने की तैयारी

दिल्ली। स्थायी सनद के लिए आयोजित होने वाली ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में पूछे गए कई सवालों की वैधता, सटीकता और पाठ्यक्रम से संबंधितता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है और हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
इंदौर के अधिवक्ता राजेश खंडेलवाल ने बताया कि इस परीक्षा का आयोजन देशभर के 55 शहरों में किया गया था, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। केवल इंदौर से ही लगभग 3200 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रश्नपत्र में कुछ सवाल निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए, जबकि कई प्रश्नों की भाषा और उत्तर विकल्पों में अस्पष्टता तथा तकनीकी त्रुटियां थीं।
खंडेलवाल के अनुसार, बड़ी संख्या में जूनियर वकीलों ने उनसे संपर्क कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसके बाद मामले को न्यायालय में ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही इस संबंध में शिकायत बार काउंसिल ऑफ इंडिया तक भी पहुंचाई गई है। अभ्यर्थियों की मांग है कि विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
गौरतलब है कि एलएलबी की डिग्री प्राप्त करने के बाद राज्य अधिवक्ता परिषद नए वकीलों को दो वर्ष के लिए अस्थायी सनद जारी करती है। इस अवधि के दौरान उन्हें बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। परीक्षा पास करने के बाद ही अधिवक्ताओं को स्थायी सनद मिलती है।
यदि कोई वकील निर्धारित अवधि में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता, तो उसकी वकालत पर रोक लग सकती है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर हजारों युवा अधिवक्ताओं के करियर पर पड़ता है। अब सभी की नजर बार काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।





