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खून की कमी से युवती की मौत मामला: 9 स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस, कलेक्टर ने मांगा जवाब

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित 20 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा की उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने जिला चिकित्सालय दुर्ग के नौ स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज, चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब टेक्निशियन शामिल हैं।

सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, गंभीर हालत में दीपिका गाड़ा को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसे तत्काल रक्त की आवश्यकता थी।

परिजनों का आरोप है कि समय पर पर्याप्त रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया और इलाज में भी देरी हुई। इसके चलते युवती की हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विस्तृत जांच कराई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी और एडीएम योगिता देवांगन ने चार दिनों तक अस्पताल में जांच की।

इस दौरान मरीज के उपचार संबंधी दस्तावेज, ड्यूटी रिकॉर्ड, रक्त उपलब्धता की स्थिति और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की गई।

जांच रिपोर्ट में उपचार प्रक्रिया और रक्त प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता बताई गई है।

इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि मरीज के उपचार के दौरान उनकी क्या जिम्मेदारी थी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर उपलब्ध क्यों नहीं हो सकीं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त जवाबों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यदि किसी स्तर पर लापरवाही या कर्तव्य में कमी साबित होती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतका के परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है।

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