नवा रायपुर में उच्च शिक्षा का नया अध्याय: नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ को बहुआयामी लाभ

रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर को राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में विले पारले केलावनी मंडल (SVKM), मुंबई को नवा रायपुर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। इस भूमि पर देश के प्रतिष्ठित नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना की जाएगी।
विले पारले केलावनी मंडल वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और देश की जानी-मानी शैक्षणिक संस्थाओं में शामिल है। इसके अंतर्गत वर्तमान में देशभर में लगभग 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक एक लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। वर्ष 2025 की एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्था को 52वां स्थान मिला है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम कोटराभाठा और कीटनी क्षेत्र में चिन्हांकित यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर दी जाएगी। इसके एवज में संस्था द्वारा लगभग 40 करोड़ 6 लाख रुपए का भूमि प्रीमियम देय होगा।
इस संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में प्रबंधन शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता और शोध को नई दिशा मिलेगी। राज्य के युवाओं को उच्च स्तरीय प्रबंधन शिक्षा के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही शैक्षणिक, प्रशासनिक और सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर राज्य में ही उपलब्ध कराना है। नरसी मोनजी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से नवा रायपुर नॉलेज सिटी के रूप में उभरेगा और छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।



