बंगाल में निपाह वायरस का अलर्ट: दो नर्सों में लक्षण, हालत गंभीर; केंद्र ने भेजी एक्सपर्ट्स टीम

दिल्ली। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग और केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाले दो नर्सों में निपाह वायरस के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, दोनों नर्स – एक पुरुष और एक महिला – की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें उसी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों के सैंपल AIIMS कल्याणी की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में भेजे गए थे, जहां शुरुआती रिपोर्ट में निपाह संक्रमण की आशंका जताई गई है। एक नर्स नदिया जिले की रहने वाली है, जबकि दूसरी पूर्व बर्दवान जिले के कटवा की निवासी है। दोनों प्राइवेट हॉस्पिटल में नर्स के तौर पर कार्यरत हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल के लिए नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम गठित कर दी है। उन्होंने बताया कि यह टीम बंगाल रवाना हो चुकी है और राज्य सरकार के साथ मिलकर संक्रमण को फैलने से रोकने के उपाय करेगी। नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी फोन पर बात कर राज्य की टीम को केंद्र की टीम के साथ समन्वय में काम करने के निर्देश देने का आग्रह किया है।
केंद्र सरकार ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन, कोलकाता, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक्सपर्ट्स टीम भेजी है। इसके साथ ही नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। निपाह को रोकने के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल राज्य की इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस यूनिट के साथ साझा किए गए हैं।
WHO के अनुसार, निपाह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया के सुंगई निपाह गांव में सामने आया था। यह वायरस आमतौर पर चमगादड़ और सुअर से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी लार, खून और बॉडी फ्लूइड के जरिए फैल सकता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। फिलहाल बंगाल सरकार और केंद्र मिलकर हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।





