दिल्ली। तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद अपराध और नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है। पिछले तीन दिनों में पुलिस ने राज्यभर में विशेष ऑपरेशन चलाकर 3246 बदमाशों को हिरासत में लिया, जबकि 419 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस दौरान गांजा और नशीली गोलियों समेत करीब 1.43 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया है।
तमिलनाडु पुलिस के मुताबिक अभियान के दौरान कुल 15,349 लोगों की जांच की गई। इनमें 12,650 हिस्ट्रीशीटर और 2,699 अन्य संदिग्ध शामिल थे। जांच के बाद 844 लोगों को अलग-अलग कानूनी धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई के तहत पुलिस ने NDPS एक्ट में 294 केस दर्ज किए। इस दौरान 267.756 किलोग्राम गांजा और 2476 नशीली गोलियां जब्त की गईं। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी जारी रहेगी।
यह पूरा अभियान मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर चलाया गया। मुख्यमंत्री बनने के 48 घंटे के भीतर विजय ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े चार बड़े फैसले लिए थे। इनमें हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स (ANTF) बनाने का फैसला भी शामिल है। राज्यभर में करीब 65 एंटी-ड्रग यूनिट बनाई गई हैं, जो ड्रग्स की तस्करी, बिक्री और इस्तेमाल पर नजर रख रही हैं।
इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स’ बनाई गई है। वहीं स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर दायरे में आने वाली 717 सरकारी शराब दुकानें बंद करने का फैसला भी लागू किया गया है।
डीजीपी कार्यालय ने कहा कि सरकार राज्य में शांति और लोगों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपराधियों, बदमाशों और नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
