जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कोनपारा धान खरीदी उपकेंद्र में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव ने निरीक्षण के बाद पाया कि रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कुल 20,586.88 क्विंटल धान गायब किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि कंप्यूटर रिकॉर्ड में केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान दिखाया गया, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल ही भेजा गया।
गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख रुपए आंकी गई। इसके अलावा धान की पैकिंग में इस्तेमाल 4,898 नग बारदाने की कीमत 17 लाख रुपए के करीब थी। कुल मिलाकर शासन को 6 करोड़ 55 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है।
पुलिस ने मामले में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी और उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपी शिशुपाल यादव को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं।
जांच के दौरान और तथ्य या संलिप्तता सामने आने पर और भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है।
