आगरा। आगरा के नगला पेमा में औषधि और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को रामा क्लीनिक और रामा मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर 11वीं फेल झोलाछाप को नकली दवाओं और इंजेक्शनों के साथ पकड़ा। मौके से लगभग एक लाख रुपये मूल्य की इंजेक्शन, टैबलेट, कफ सिरप और मल्टीविटामिन सिरप जब्त किए गए। यह कार्रवाई नकली दवा सिंडिकेट की जांच और यमुना किनारे इंजेक्शन जलाने का वीडियो वायरल होने के बाद की गई।
छापेमारी में पकड़े गए 25 वर्षीय शिव सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह अपने पिता मौहर सिंह के साथ क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चला रहा था। क्लीनिक में मरीजों को तख्त पर लिटाकर इंजेक्शन दिए जाते थे। मौके पर इस्तेमाल किए हुए सिरिंज और इंजेक्शन भी पाए गए। टीम को शक है कि ये दवाएं पहले नकली दवा मामले में पकड़ी गई फर्म से खरीदी गई थीं, और पकड़े जाने के डर से झोलाछाप ने कुछ दवाएं जलाई भी।
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि क्लीनिक और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। जब्त दवाओं के बैच नंबरों से उनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही क्लीनिक में बिल, लैब पर्चे और डॉक्टर रेफर करने वाली स्लिप भी मिली हैं, जिनकी भी जांच चल रही है।
शिव सिंह को थाना ताजगंज पुलिस के हवाले किया गया है और नकली दवा मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे झोलाछाप मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा हैं, और इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना स्वास्थ्य और औषधि विभाग के सतर्क होने और पुलिस के सहयोग से हुई है, जिससे नकली दवाओं की बिक्री और लोगों की जान को खतरा पहुंचाने वाले झोलाछापों पर अंकुश लगाया जा सके।